Tuesday, May 26, 2020

चैनपुर : मैट्रिक रिजल्ट 2020

आय चैनपुर के एकटा बेटी इतिहास बनेलक। दसवीं बोर्ड के आय रिजल्ट घोषित भेल। चेनपुर उच्च विद्यालय के 53 बर्ष के इतिहास मे पहिल बेर चैनपुर के बेटी स्तुति मिश्रा संपूर्ण बिहार में 475 अंक यानि 95 प्रतिशत अंक आनि छठम स्थान (अन्य छ: छात्रों के संग) प्राप्त केलक आ लड़की वर्ग में संपूर्ण बिहार में दोसर स्थान।

दोसर दिस गामक पुत्र परमानंद ठाकुर 92.1 प्रतिशत अंक यानि 461 अंक आनि टौप 100 मे जगह बनेलक।

एहि दुनु बच्चा के परफार्मेंस से पूरा गाम आ सहरसा जिला गर्वित अति। दुनु बच्चा के उज्ज्वल भविष्य के लेल हार्दिक शुभकामना। बाबा नीलकंठ आ काली माय के आशीष बनल रहे।

Sunday, June 10, 2018

चैनपुर के दुलरी बेटी: ज्योति NEET 2018 पुष्पांजलि IIT 2018 मे बाज़ी मारलक

चैनपुर के बेटा सब त' हाल मे अपन प्रतिभा के डंका त' बजेबे केलक, आब बेटियो सब राष्ट्रीय स्तर पर अपन लोहा मनबे' रहल छैथ. स्वनाम धन्य संतोष कुमार ठाकुर एवं श्रीमती श्वेता कुमारी  (शिक्षक द्वय) के पुत्री ज्योति ठाकुर 'NEET 2018'  (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) मे  #AIR5459 आनि सम्पूर्ण ग्रामवासी के' गौरवान्वित होय के अवसर प्रदान केलक. ज्योति दसवीं एवं बारहवीं बरियाही स्थित शांति मिशन अकादमी से  केलक.

दोसर दिस आय IIT ADVANCE 2018 के परिणाम प्रकाशित भेल. गामक विख्यात शिक्षक श्री रामफूल मिस्त्री एवं श्रीमती सरिता देवी के पुत्री सुश्री पुष्पांजलि एहि परीक्षा मे सफल भेलीह. पुष्पांजलि चैनपुर के दोसर पुत्री छथिन जे IIT मे पढ़तीह. एहि से पहिने हिनक अग्रजा पूजा कुमारी IIT GANDHINAGAR से बी.टेक केलैथ. सुश्री पुष्पांजलि के ओबीसी कैटेगरी मे (OBC-NCL) #AIR2685 भेटल छैन. पुष्पांजलि दसवीं हाई स्कूल चैनपुर से केने छैथ.

चैनपुर के दुनु दुलरी बेटी के अशेष बधाई एवं सुखद भविष्य के लेल शुभकामना.

Sunday, April 29, 2018

सोमेश IIM सँ MBA केलैथ

श्री कृत्यानंद ठाकुर उर्फ सरल भाय के पुत्र सोमेश कात्यायन एहि साल IIM कोझीकोड से MBA के डिग्री प्राप्त केलैथ। सोमेश IIT BHU सँ बी. टेक छैथ आ 2016 मे CAT परीक्षा मे सफल भ' IIM कोझीकोड मे एडमिशन लेने रहैथ। उल्लेखनीय ऐछ जे सोमेश एवं सागर दुनु गोटे एक्के संग 2011-15 मे IIT BHU  सँ बी.टेक केलैथ।
बहुत बहुत बधाई सोमेश के। सम्पूर्ण चैनपुर गर्वित ऐछ हुनक उपलब्धि सँ।

सागर सिविल सर्विसेज 2017 के परीक्षा मे सफल

श्री मिहिर कुमार झा 'भगवान जी' एवं श्रीमती सविता झा के कनिष्ठ पुत्र एवं श्री सोहन झा, पूर्व मुखिया (चैनपुर पंचायत) के पौत्र सागर कुमार झा सिविल सर्विसेज परीक्षा 2017 मे पूरे देश मे 13 वां रैंक आनि केवल अपने मान टा नै अपितु सम्पूर्ण गामक नाम देश भरि प्रसिद्ध केलक। हुनका अशेष बधाई। विदित हो एहि सँ पहिनहु सागर UPSC द्वारा आयोजित असिस्टेंट कमांडेंट के परीक्षा मे अव्वल आबि अपन प्रतिभा देश भरि मे देखौलनि।
सागर बचपने मेधावी छात्र के रूपें प्रसिद्ध छैथ। IIT BHU सँ बी टेक क सैमसंग इंडिया मे किछ दिन जौब केलाक बाद ओ नौकरी छोड़ि सिविल सर्विसेज के तैयारी मे लागि गेलाह, जकर सुखद परिणाम एहि बेर भेटल। चैनपुर के इतिहास मे ई तेसर छैथ जे सिविल सेवा परीक्षा मे सफल भेलाह। सबसँ पहिने सरोज कुमार ठाकुर (IPS-2010) आ फेर सत्यम ठाकुर (IRS-2016). सागर सेहो प्रथम च्वाइस IPS देने छैथ। बहुत बहुत बधाई सागर के'। सागर के सफलता आरो छात्र सब के प्रेरित करत, इ उम्मीद ऐछ।

Thursday, June 1, 2017

सत्यम ठाकुर पास केलैथ सिविल सर्विस परीक्षा 2016

श्री सत्यम ठाकुर, पिता श्री प्रदीप ठाकुर, एवं स्व. जय नारायण ठाकुर के पौत्र, २०१६ में आयोजित सिविल सर्विस परीक्षा २०१६ में २१८ रैंक आनि चैनपुर  एवं सम्पूर्ण मिथिला के गौरवान्वित केलेन. BIT मेसरा से बी.टेक केलक उपरांत सत्यम बैंक के प्रोबेशनरी ऑफिसर के नौकरी के छोडि सिविल सर्विस के तैयारी में लागि गेलाह आ अपन आ सबहक विश्वास के बना के राखैत एहि बेर सफल भेलाह. हुनका भारतीय वित्त सेवा भेटल छैन. शायद अगिला बेर ओ फेर आईएस के लेल कोशिस करता. हम चैनपुर के दिस से हुनका एहि सफलता के लेल अशेष बधाई देत छियैन एवं भविष्य के लेल शुभकामना सेहो. आशा ऐछ जे हुनकर इ सफलता कतेको प्रतियोगी के उत्प्रेरित करतय. एक बेर पुनः बधाई सत्यम के.

Thursday, April 27, 2017

पंडित मधुकांत झा मधुकर- श्रद्धांजलि

२६.४.२०१७ के १२ बजे दिन हिंदी, संस्कृत, मैथिली के उद्भट विद्वान, आदर्श शिक्षक, बिषय कीर्तन के महारथी,एवं महान शिव-शिवा भक्त पंडित मधुकांत झा "मधुकर" अपन नश्वर  शरीर त्यागि के नीलकंठ धाम के लेल प्रस्थान केलैथ. 

मिथिलाक दोसर विद्यापति के रूप मे चर्चित स्व० मधुकर बाबा सहरसा जिलाक चैनपुर ग्रामक निवासी छलथि। स्व० मधुकर जी एकटा अप्रितम शिव-शिवा के भक्त और संगहि संस्कृत, हिंदी आ मैथिली भाषा साहित्य के श्रष्टा के रूप मे मानल-जानल  जाइत छथि। श्री मधुकांत झा "मधुकर" जी अपन पिता स्वरूप लाल झा और माता छेदनी देवी के निरंतर प्रयास सँ शिक्षा-दीक्षा प्राप्त कऽ शिक्षक पद के बखूबी दायित्व निर्वहन केलनि। अपन शिक्षण काल में  मधुकर बाबा कतेक छात्र सब के अपन विद्वता एवं अभिभावकत्व से अनुग्रहीत एवं प्रभावित केलखिन. शिक्षक के रूप में बेसी दिन ओ चैनपुर स्कूल मे ही रहलैथ. अपन शुरुआती दिन मे पुराण के वाचन एवं बिषय कीर्तन प्रभावशाली ढंग से केलखिन. हुनकर प्रवचन गंभीर एवं उत्प्रेक होइत छल. कैक बेर हमहू हुनका प्रवचन के साक्षी भेल छि. 

अपन शिक्षण पेशा के संगे लेखन कार्य मे सेहो महारत हासिल केलनि। १९६८ सँ १९७४ धरि  मधुकर बाबा आकाशवाणी पटना मे योगदान दऽ सांस्कृतिक प्रवचन के माध्यम सँ  समाज के नवचेतना प्रदान केलथि आ राज्य स्तर पर अपना के स्थापित केलैथ। मैथिलि भक्ति संगीत में एकटा ओ पैघ हस्ताक्षर छैथ. हुनक प्रकाशित रचना मे समाज सौगात नवीन नचारी अभिनव नचारी, मधुकर नचारी, नीलकंठ मधुकर पदावली समलित अछि। ओहि प्रकार नारद भक्ति सूत्र केर मैथिली अनुवाद सेहो कऽ मिथिला के नव दिशा आ ऊंचाई प्रदान केलनि। हुनकर किछ कृति एखनो अप्रकाशित छै, जाकर लेल हमरा सब के प्रयास करबाक बेगरता छै संगहि ओहि कृति सब के डिजिटल रूप में राखे के प्रयास सेहो आवश्यक.

मधुकर बाबा १९७१ मे नीलकंठ कमरथुआ संघ के स्थापना केलनि जे परम्परा आयो चली रहल अछि। ताहिके अंतर्गत भादो  मास मे हजारों कमरथुआ हरे-राम हरे राम..हरे-कृष्ण आ सदाशिव केर कीर्तन करेत बैद्यनाथ धाम जायत  छथि। 

मधुकर बाबा मिथिला मे अध्यात्म आ समाजसेवा के नव आयाम देलनि। 

डिम डिम डमरू बजाबय छै हमर जोगिया.., हम आनंदे रहबय हौ..., अहो शिव महेश्वर..., बसहा चढ़ल शिव शंकर परम सुहावन हे ...., आबहु त आबS महेश आबS उगना के भेष में..., उमापति आब करू जनि देरी..., भोला कठोर किये भेलिये यौ..., कमरथुआ हौ भाय, बाबा के सुरतिया मन में राखिहS..., नीलकंठ बाबा बड उदार कमरथुआ ......, हमरा केवल एक भरोसा नीलकंठ दानी के..., ककरा कहब हम, कतय गेला भोला बम..., हे माय गमाय देलों सब दिन घूमि आय शरण तकि आयल छि..., जगत जननी कहू कहिया जगत कल्याण करबे माँ..., कोन कलम से लिखलS हौ बाबा हमरा सबहक माथ...,भोला के महिमा अपार रे सिनेहिया..., हे जगतारिणी वीणा पुस्तक धारिणी विनय सुनाबय छि..... इत्यादि कालजयी नचारी एवं देवी गीत के रचयिता छैथ.  

बाबा के अवसान हमरा सबहक लेल अपूरणीय क्षति छिये. 
आय हिनक निधन सँ चैनपुर सहित समूचा मिथिलांचल शोकाकुल ऐछ.

Thursday, February 9, 2017

sagar kumar jha got first rank in assistant commandant exam 2016

Son of chainpur, sagar kumar, s/o mihir kumar jha 'bhagwanji', got #AIR-1 in Central Armed Force Exam (AC) 2016 conducted by Union Public Service Commission. Academically, he is always excellent. In 10th he got 96% and in 12th 93%. After clearing JEE, he did B.Tech. from IIT, BHU in computer science. After graduating from IIT BHU, he took a job in Samsung Research India as a software developer and later chose to prepare for Civil Service exam. At present, he is waiting for result of civil service exam(Main). Best of luck to him.

update: He secure #AIR-13 in Civil Service Exam 2017 and opted for IPS.
Perhaps, he is the first person of chainpur who secured first rank in all india competitive exam.
HEARTLY CONGRATULATION TO SAGAR. 

Wednesday, November 16, 2016

चैनपुर के मेधावी बेटी रूपम कुमारी

बहुमुखी प्रतिभा केँ धनी रूपम कुमारी, पिता- स्व. संतोष मिश्र, बाबा- स्व. विश्वनाथ मिश्र, ग्राम चैनपुर, जिला - सहरसा क' बिहार शिक्षा परियोजना द्वारा आयोजित शिक्षा दिवस 2016 केँ कविता लेखनी म' पूरा बिहार म' प्रथम स्थान प्राप्त भेलन्हि।

रूपम शुरूवे सँ मेधावी छलीह, ओ पढाई म' अव्वल होयबाक संगे - संग  रचनात्मक काज म' सेहो सदिखन आगू रहैत छली। हुनकर प्रतिभा क' निखारबा म' नीलकंठ बालिका मध्य विद्यालय चैनपुर केर प्रधानाध्यापक श्री संतोष ठाकुर जीक बहुत योगदान छलैन्ह। श्री संतोष ठाकुर जी गुरू केर संगे - संग अभिभावक केर फर्ज सेहो निभेलन्हि। श्री निरंजन ठाकुर (अमेरिका) सेहो रूपम क' लक्ष्य तक पहुँचबा म' पूरा सहयोग केलन्हि।

चैनपुर गामक नाम राज्य स्तर पर उँच करबाक लेल समस्त ग्राम वासी आय अपना आप क' गौरवान्वित महसूस करैत छैथ। पूरा ग्राम वासी क' रूपम कुमारी एहेन बेटी पर नाज छैन्ह। आय रूपम कुमारी देखा देली कि बेटी सेहो दुनियाँक संग डेग सँ डेग मिला छैल सकैत छथि।

चैनपुर धरती रत्नगर्भा अछि, एहिठाम एक सँ एक इतिहास रचनिहार जन्म लेलाह, ओहि कड़ी क' बहुत रास असुविधा केँ बादो रूपम कुमारी आगू बढ़ेली जाहि सँ पूरा ग्राम वासी बहुत खुश छैथ।

काली पूजा २०१६

अय बेर तीन बरख के बाद काली पूजा में गाम गेलौं. गाम  में  पैर रखिते  बुझायल जे स्वर्ग में  आबि  गेलहु.  ओना  त गाम के  यात्रा  सब  बेर  सुख कारी  होयत ऐछ, मुदा एहि बेर  त आर  बढ़िया  रहल. गाम  गेलाक बाद  त जीवन एकदम निश्चिन्त एवं सरल भ जायत ऐछ.

एहि बेर के काली पूजा चारि दिन के छल. गाम २८ तारीख के  पहुँचलौं. काली माय के जन्म से एक दिन पहिने. जन्मदिन २९ तारीख के  तै सांझ  होयत-होयत गाम के सब माय बहिन आ बेटी सब (चारि-पांच बरख के सेहो) माय काली के सांझ देबाक लेल दीप लेने चलि देलीह. गाम के माहौल  भक्ति  से सराबोर  छल. बुझि पडैत छल जे  कुनु  देव  भूमि में छी. हांजक हांज  लोक, छोर त छुटिते  नै छल.  आजुक दिन पुरनका काली घर में मैया के  जागरण के आयोजन छल ते दोसर दिस नवकि काली घर में आल्हा-उदल प्रसंग के बढ़िया आयोजन  छल. लोक कथा के आयोजन बड्ड सफल रहल.

दोसर दिन उका-पाती भेल. आन गाम के  त हमरा अंदाज  नहि ईच्छ, मुदा इ हम  दावा  क सके छि जे  उका-पाती के उपरांत अपन गाम के जे दृश्य रहैत ऐछ, ओ भारिसक्के कोनो ठाम होइत हैत. दुनु दिश के काली माय के आशीर्वाद लेबाक लेल पूरा गाम सड़के पर रहैत ऐछ. संगहि श्रेष्ठ जन के आशीर्वाद लेल सेहो सम्पूर्ण गाम गतिशील छल. नव-पुराण लोक से भेंट घांट एहि अवसर के आर यादगार बना देत ऐछ. आय सेहो पुरनका काली घर में जागरण के आयोजन छल आ नवकि काली घर में जल्दी में आयोजन करल गेल नाटक आ सांस्कृतिक कार्यक्रम भेल.

नवकि काली घर में आयोजित मेला एहि बेर हाय -टेक रहल, संगहि मेला विस्तृत रहल. काली पोखैर के जीर्णोद्धार से एहि आयोजन में सुगमता आयल. सम्पूर्ण मनिहारी वाला दोकान सब काली पोखैर के पाढ़ पर लगाओल गेल, एही तरहे, एनी दोकान-दौरी के लेल पर्याप्त जगह बनल. मेला में CCTV के व्यवस्था छल आ WI-FI सेहो. पार्किंग के समुचित व्यवस्था छल आ मेला परिसर में गाड़ी-घोड़ा के आवाजाही के कुशलता पूर्वक नियंत्रित कैल गेल. नवकि काली स्थान के मेला कमिटी के अध्यक्ष भगवान् जी अपन कुशल नेतृत्व में युवा वर्गक  सहयोग से मेला के सुव्यवस्थित रहल.

एहि बेर एकटा महत्वपूर्ण आयोजन सेहो भेल, ओ छल स्व. कलिकांत ठाकुर स्मृति छात्रवृत्ति समारोह. एहि में स्व. कालीकान्त ठाकुर के पौत्र एवं श्री राम चन्द्र ठाकुर के पुत्र श्री निरंजन ठाकुर द्वारा मैट्रिक के परीक्षा २०१६ में प्रथम तीन स्थान पर आबे वाला छात्र के प्रोत्साहन पुरस्कार देल गेल. इ आयोजन पुरनका काली स्थान के रंगमंच पर भेल. उपस्थित गणमान्य छलाह- श्री आर.एन.ठाकुर, श्री डी.एन.ठाकुर, श्री विक्रमादित्य खान, संजीव ठाकुर, सरोज कुमार मिश्र, संतोष कुमार ठाकुर 'ज्योतिषी जी', श्री राम चन्द्र  ठाकुर,  निरंजन ठाकुर, दीप नारायण ठाकुर, इत्यादि. समारोह के कुशलता पूर्वक सञ्चालन केलाह श्री प्रफुल्ल चन्द्र ठाकुर. एहि में प्रथम- अमन कुमार ठाकुर,, द्वितीय-विकास वैभव,  एवं तृतीय स्थान- सोनू झा कें क्रमशः १००००, ७००० एवं ५००० रुपया के  छात्रवृत्ति देल गेलेन. संगहि एकटा मेधावी छात्रा रूपम  कुमारी कें ३००० रुपया के विशेष  छात्रवृत्ति देल गेलैन. एहि इहो घोषणा भेल जे इ छात्रवृत्ति हर बरस देल जायत. संगहि रूपम कुमारी के प्रति मास १००० रूपया के छात्रवृत्ति हुनका छात्र जीवन भैर देल जायत. सम्पूर्ण गाम आ छात्र वर्ग निरंजन ठाकुर जी के आभारी छैथ. जतय एक दिश इ छात्र वर्ग के लेल प्रेरणा के स्रोत बनत, दोसर दिश आरो समर्थ लोक के सेहो  आकर्षित करत जे गाम के शिक्षा के उन्नति के लेल आगाँ एताह. इहो  आश्वासन  भेटल जे एही दिशा में किछ प्लान आरो बनत, एहि बात के मंचासीन आर.एन.ठाकुर सेहो घोषणा केलैथ. चैनपुर के शिक्षा के इतिहास में इ आयोजन एकटा मील के पाथर साबित होयत.

जेना पहिनहु कहल जे मेला के आयोजन  शानदार रहल आ शांतिपूर्ण सेहो. दुनु काली घर में आर्केस्ट्रा के आयोजन  छल जे अपने गामे टा नहि अपितु आस-पास के गाम सबहक युवा के खूब आकर्षित केलक.

माय काली के प्रतिमा के विसर्जन ०१.११.१६ के भेल. अद्भुत, अलौकिक दृश्य के वर्णन करय में हम असमर्थ छि. जे देखलक, सैह महसूस केलक. लगभग १०००० से बेसी दर्शनार्थी माय के भसान के साक्षी बनल. मेला अपन उच्चतम बिंदु पर पहुँच गेल भसान के बेर में. बोले काली माय के जयकारा से पूरा क्षेत्र गुंजायमान भेल. अश्रुपूरित नेत्र से मैया के बिदाय कैल गेल.
अगिला दिन कुश्ती पारंपरिक तरीका से भेल आ मेला समाप्त भेल.

बहुत दिन के बाद एहेन आनंद भेटल गाम में. माय के कृपा रहते त फेर अगिला बेर मैया के दर्शन लेल पहुचब.

एक बेर फेर- बोले रे काली माय की जय.



Saturday, November 14, 2015

काली पूजा-2015

आय काली पूजा के मेला कुश्ती के संग  समाप्त भ गेल. अय बेर के काली पूजा के आयोजन किछ खास छल. चैनपुर उच्च विद्यालय के २००५ मेट्रिक बैच के युवा सब मिलि के १० नवम्बर के चैनपुर आइडल के आयोजन केने छल एकदम इंडियन आइडल के तर्ज पर. राज्य के विभिन्न जिला से लगभग १०० से बेसी प्रतियोगी भाग ललक. पहिलुक राउंड त १० अक्टूबर के हि भ गेल छल आ ओही से लगभग २० गोट प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले लेल चुनल गेलाह. नवकि काली के रंगमंच पर १० नवम्बर के सम्पूर्ण चैनपुर,कहू ते सम्पूर्ण बिहार गवाह बनल एही आयोजन. मुख्य अतिथि छलाह- भाजपा के छातापुर से नव निर्वाचित विधायक श्री नीरज कुमार सिंह बबलू आ उभरैत समाज सेवी श्री चन्द्र कान्त झा 'टीपू'.  निर्णायक मंडल के सदस्य रहैथ : मैथिलि के प्रसिद्ध गायिका श्रीमती रंजना झा, म्यूजिक डायरेक्टर सरोज  सुमन, श्रीमती लक्ष्मी सिंह एवं श्री निरंजन ठाकुर (प्रख्यात तबला वादक). प्रतियोगिता बड्ड कठिन छल, आ कतेक राउंड के बाद पहिलुक स्थान पर एल्लाह श्री मंजीत काश्यप, दोसर स्थान रंजना मिश्र एवं तेसर स्थान साक्षी कुमारी. अपना तरहक इ  आयोजन एहि परोपट्टा में पहिल छल. आयोजन बड्ड सफल रहल. एकर प्रमुख कर्ता धर्ता सब छैथ:  उज्जवल ठाकुर, रोशन मिश्र, विद्यासागर, दिलकुश, नितीश आ ढेरिक उर्जावान युवा सब, जिनकर नाम से हमहू अवगत नहि छि. सब शंका के दूर करैत, मुश्किल पर विजय क क एहि आयोजन के अभूतपूर्व सफलता प्रदान केलैथ, एही लेल सब के साधुवाद. बड्ड इच्छा रहितो, किछ व्यक्तिगत कारण से एहि साक्षी नहि भ सकलहु, एकर अफ़सोस जीवन भैर रहत.

जानकारी के अनुसार, मेला शांति पूर्वक संपन्न भेल, माय काली समस्त गाम के शक्ति देथुन जाहि से की एहिना काली पूजा अनवरत ढंग से होयत रहे. एकटा बात के दुःख होयत ऐछ जे गाम में नाटक के सुदीर्घ परंपरा छल, शायद ओकर लोप भ रहल छै.  शायद कारण इ भेल जे समय के अनुसार हम सब नव विधा आ पद्धिति नहि अपनेलहु नाटक के सन्दर्भ में. समस्त गाम के एही दिशा में ध्यान देबाक बेगरता छै.  गाम के कतेक लोक छैथ जे एखनहु रंगमंच से जुरल छैथ आ आधुनिक पद्धिति से पुर्णतः अवगत छित, किछ सार्थक प्रयास करबाक चाही. एही उम्मीद के संग समस्त ग्रामीण के छठ के अग्रिम शुभकामना.

Friday, March 27, 2015

चैनपुर के बेटा के भेटल फिल्म फेयर पुरस्कार

ओना त चैनपुर के धरती कतेको रत्न के जन्म देलक आ सब अपन अपन क्षमता के अनुसार देश-विदेश में नाम रौशन केने छैथ. मुदा एहि साल किछ अभूतपूर्व भेल. चैनपुर के सुप्रसिद्ध डॉक्टर श्री बिनोद ठाकुर जी के पुत्र श्री तनुल ठाकुर जी के फिल्म फेयर पुरस्कार भेटल- श्रेष्ठ फिल्म समीक्षक के लेल. श्री तनुल इ पुरस्कार प्राप्त करय वला सबसे कम उम्र के आलोचक छैथ. अपन पिता के कर्मस्थली धनबाद में अपन प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त केला के उपरांत श्री तनुल मनिपाल विश्वविद्यालय एवं अमेरिका के एक यूनिवर्सिटी से विद्युत् इंजीनियरिंग के डिग्री प्राप्त केलैथ  आ किछ दिन नौकरी सेहो.  मुदा अपन पसंद आ जूनून के देखैत बढ़िया नौकरी छोडि देश आबि गेलाह आ फिल्म समालोचना के कार्य में लागि गेलाह. सफलता  भेटलेन सेहो एतेक कम उम्र में. हम सब गर्वित छि हुनका उपलब्धि से. शुभकामना जे भविष्य में श्री तनुल खूब नाम करैथ .  बाबा नीलकंठ एवं काली माय हुनका खूब शक्ति देथुन.

Friday, September 5, 2014

शिक्षक दिवस

सभी मित्रों एवं शुभेच्छुओं को शिक्षक दिवस की ढेर सारी बधाइयाँ.

प्रथम शिक्षक कौन है? माता, पिता या दोनों. शायद दोनों ही.  लेकिन मेरी नजर में शायद माता ही पहली शिक्षक है.  पहला शब्द जब भी बोला होऊंगा, माता के प्रेरणा से ही. हाथ पकड़ के चलाना भी तो माता ने ही शुरू किया होगा. दादा-दादी का वैसा सान्निध्य तो प्राप्त नहीं हुआ, लेकिन काका-काकी, चाचा-चाची तो थे ही, जिनकी भूमिका को हम कभी नकार नहीं सकते अपने जीवन में, एक शिक्षक के तौर पर.

समाज के ढेर सारे शुभचिंतकों ने अपने अमूल्य समय देकर मेरे व्यक्तित्व के निर्माण करने में शिक्षक की भूमिका निभाई. श्रेष्ठों में सरल भाय, फत्रिंग भैया, हरे काका, जगदीश झा (मेरे  मौसा), राधा कान्त मास्टर, इत्यादि. शिक्षकों में स्वर्गीय गुणी बाबु, काली बाबु, मधुकर जी, गुरु जी (मध्य विद्यालय चैनपुर), सदाशिव बाबु, शम्भू बाबु, कृष्णदेव बाबु, बहादुर बाबु, योगेन्द्र बाबु (उच्च विद्यालय बघवा ) के योगदान को भी कभी भुला पाना मुश्किल होगा. संक्षिप्त समय के लिए कमल बाबु का भी सान्निध्य मिला था, जिसका सुखद लाभ प्राप्त हुआ. मित्र में भी ऐसे ढेरों हैं, जिनसे समय के विभिन्न मोड़ पर शिक्षित हुआ. कुछ का नाम लेकर मैं किसी अन्य मित्रों के प्रभाव को कम करना नहीं चाहता हूँ.  आप सबों ने मुझे निर्मित करने में बड़ा योगदान दिया, अपना विश्वास जताया, आप सबको शत-शत नमन.

 लेकिन समय तो सबसे बड़ा शिक्षक है सब के लिए. जीवन जीने का तरीका तो समय ही बताता है. परिस्थितियों से मुकाबला करना समय ही सिखाता है, शिक्षा का प्रतिदान करना भी समय ही सिखाता है. अतः हे समय, हे मेरे सभी शिक्षक, आप सबों को शिक्षक दिवस की ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ.


Sunday, January 5, 2014

राम भाय - एक मित्र

४ जनवरी के दिन एकटा दुखद समचार देलक. हमर सबहक प्रिय, नंगोटीया संगी, राम भाय उर्फ़ रमानाथ ठाकुर,  हमर सबहक संग छोडि देलाह. एक ह्रदय विदारक घटना में हुनकर हत्या क देल गेलेन. किछ नहीं फुड़ा रहल ऐछ. आहत छि. पता नहीं, एहेन नीक लोक के एतेक जल्दी भगवान् कोना शोर पारि ले छथिन्ह? कनिए दिन पहिलुका त बात छै, जे काली पूजा में लगभग २० बरस के बाद हुनका देखने छलहु, आ तखन जल्दिये एहेन दुखद समाचार भेटल, काल के क्रूर हाथ राम भाय के छीन ललक आ ढेरिक रास दुःख द देलक हमरा सब के आ हुनकर परिवार के. भगवान् शक्ति देथुन हुनका परिवार के एही कष्ट के सामना करय में.

बचपन से हम सब संगे संग पढैत रही. बचपने से विशेष मेहनती रहैथ. आर्थिक रूप से बेसी सक्षम नहियो रहलाक बाबजूद , अपन शिक्षा में बाधा नहीं बने देने छलखिन. अपन मेहनत के बल पर दसवीं कक्षा में चैनपुर उच्च विद्यालय में ७५ प्रतिशत से बेसी अंक आनि विद्यालय में दोसर स्थान प्राप्त केने छलाह. बाद में तेज नारायण बनैली कालेज भागलपुर से इंटर एवं स्नातक के परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण केने छलाह. बाद में बैंक के परीक्षा में सफल भ क बैंक में नौकरी केलैथ आ सम्प्रति ओ इलाहाबाद बैंक में मनेजर के पद पर छलैथ. एकटा बात आरो, राम भाय एहेन छलाह जे नेनो में नहीं याद ऐछ जे कहियो ककरो से झगड़ो केने हेताह.

राम भाय के हम विनम्र श्रद्धांजली अर्पित करैत छि.

एखन हम एही से बेसी किछ नहीं लिखे के स्थिति में छि. 

Monday, August 19, 2013

रक्षा बन्धन

हाँ, त एक बेर फेर राखी के पावनि आबि गेल. भाय आ बहिन के अप्रतिम प्रेम के पावनि. किस्सा कहानी त ढेरिक रास छै एही पावनि के विषय में जे की इंद्र के इन्द्रानी बन्हने रहे राखी देवासुर संग्राम शुरू होई के समय में, कर्णावती हुमायूं के राखी भेजने छल अपन रक्षा करय के लेल इत्यादि-इत्यादि. मुदा सामान्यतया एही पावनि के भाय-बहिन के प्रेम के पावनि हि कहल जायत छै. एही में बहिन राखी बान्हि एक प्रकार के सूत्र बान्हि  देत छै जे भाय के हर-समय हर क्षण रक्षा करैत रहत त दोसर दिस भाय सेहो सब समय में अपन बहिन के रक्षा करय के प्रण लेत छैथ.

इ पावनि हमरा सब बेर कने काल के लेल दुखी क देत ऐछ. अपन कियो सहोदर बहिन नहीं ऐछ हमरा. ओना ढेरों पितियौत, पिसियौत, संगी सबहक बहिन ऐछ, जे हमर राखि के सुख हर बेर पूरा क देत रहल ऐछ, मुदा मोन  में कने कसक रही जायत ऐछ. हमर किछ मित्र के ढेरिक रास बहिन रहय आ जखन ओ सब भरि हाथ राखि बान्हि शान से निकलैत छल त हमरा इर्ष्या होइत छल, ओकरा सबहक भाग्य पर.

मोन के बोझिल होइत देखैत एक बेर सब भाय बहिन के राखी पावनि के बधाई प्रेषित करैत छि.

Thursday, May 23, 2013

बाबा धाम

कुमोद भैया अपन बेटा के उपनयन करय के सोचलैथ आ विचार भेलैन जे बाबा धाम में इ यज्ञ कैल जाय. हमरो नोत भेटल. हमरा बड्ड प्रसन्नता भेटल जे  शायद आब बाबा के बुलाबा आबि गेल ऐछ. गाम में कहल जायत छै जे जा धरि बाबा नहि बजेतौ ता धरि बाबा के नगरिया नहि जा सकब. एतेक ट1 के उमर में दू बेर देवघर जाय के मौका भेटल छल. पहिल बेर त हम लगभग १२ बरस के रही. ओही समय में हम अपन कक्का के संग दसहरा के समय में गेल रही. कने-कने याद ऐछ, मंदिर के गेट धरी गेल रही, मुदा पूजा नहीं क सकल रही, किये त बड्ड भीड रहैक. दोसर बेर कुनु परीक्षा देबय लेल गेल रही, ओही बेर एतेक समय नहीं छल वा इ कही जे समय नहीं निकाल सकलहु बाबा के पूजा के लेल. एही बेर त सोचि लेलहू जे इ मौका त हम नहि छोरब. बाबा के दर्शन त करबे करब. पूर्व एक्सप्रेस से विदा भेलहु आ फेर पहुँच गेलहु बाबा धाम. कुमोद भैया हमर सबहक आ अन्य आगंतुक सब के रहय के इंतज़ाम बाबा के मंदिर के लग में केने रहैथ. ठीक-ठाक आवास छल. अगिला दिन भोरे विचार भेल बाबा के पूजा करय के. स्नान केलहु आ एकटा गमछा लपेट के चललहू पूजा के लेल. मुदा इ की देखय छि, उमरल भीड, कतेक लोक, अथाह समुद्र जकाँ. संग में श्रीमती जी सेहो रहैथ, तें, हिम्मत आरो जबाब द देलक. बड्ड पैघ लाइने लागल छल आ उम्मीद नहीं छल जे आय फेर पूजा क सकब. पनडा सबहक सहयोग लेबाक कोशिस केलहु, मुदा सफलता नहीं भेटल. मोंन में हुए, जे एही ठाम आबि जेने  से की हैत, बाबा के मर्जी हेते तखने ने पूजा क सकब. किछु लोक कहे जे जखन आबि गेलहु त पूजा त हेबे करते, बाबा सब नीके कर्थुन. विश्वासे नहीं हुए. बड्ड असमंजस में रही. कनेक काल के बाद कुमोद भैया के पंडितजी हि किछ व्यवस्था केलैथ आ कोहुना मंदिर में हमरा सब के ढूका देलैथ. मंदिर के भीतर त बड्ड अव्यवस्था. एतेक कम जगह में एक संग एतेक भीड. लोक पर लोक खसैय, सम्हारनाय मुश्किल. हमरा त एखनो भरोस नहीं छल. पूजा हैत की नहि , इ त दूर के गप, जां भाइयो जाय त निक्लब कोना. मुदा तखने एकटा रेला आयल आ हमरा सब के आगाँ ठेल देलक आ बुझायल जे कने जगह बनल. कहुना हिम्मत बान्ही कोशिस केलहु आ बाबा लग पहुन्च्लाहू आ जल चढेलाहू बाबा के. बुझा पडल जे कतेक बड़का युद्ध जीत  लेलहू. मोन  में संतोष सेहो भेल जे बाबा अर्जी सुनी लेलक.

एखन त कुनु ख़ास मौसम नहीं छल भीड के, मुदा तखन इ स्थिति छल. सोचे लग्लाहू जे भादव में जे अपन गाम सबहक लोक जायत छैथ बाबाधाम, ओ कोना पूजा करैत हेताह. ओतेक भीड़ में पूजा करने, कफ़न बान्हि युद्ध मैदान में जाय के बराबर ऐछ हमरा लेल. बूढ़ आ बच्चा सब के की हाल होयत हेते, सोचिये टा सकैत छि. देह सिहरी जायत ऐछ कल्पना क क. जां मंदिर के भीतर श्रद्धालु के नियंत्रित कायल जाय त समस्या के समाधान कयल जा सकैत ऐछ. एखन मंदिर के अन्दर कुनु नियंत्रण नहीं ऐछ. जे बलबत्तर, ओकरे राज. पंक्तियों में पाडा सब पाय ल क श्रद्धालु के लेल शोर्ट कट के प्रयास करैत ऐछ. पुलिस के व्यवस्था त ऐछ, मुदा क्रियान्वयन किछ नीक जकाँ भ सकैत ऐछ. भीड़ के नियंत्रण करय लेल पुलिस सोटा बर्साबैत ऐछ, श्रद्धालु पर. इ निक नहीं लागल. ओही क्षेत्र के लोक के त पता छै, मुदा बाहर के लोक के इ बर्दाश्त नहीं भ सकैत छै आ एही से रावणेश्वर बैद्यनाथ के कुव्यवस्था के ख़राब सन्देश जायत बहार के लोक में. झारखण्ड सर्कार जां एही अव्यवस्था के ठीक क लिए त बैद्यनाथ धाम आरो पर्यटक आ श्रद्धालु के आकर्षित क सकत.

दोसर बात, बैद्यनाथ धाम परिसर में त पंडा सबहक अखंड साम्राज्य बुझायत ऐछ. ते कुनु नियम कानून ख़ास प्रभावी नहीं भ रहल ऐछ. हर एक काज के लेल जे मोन  से पैसा मंगेत ऐछ इ पंडा सब. एही से लोक सब के धार्मिक भावना निश्चित रूपें आहात होइत हैत. एही दिश झारखण्ड सरकार के ध्यान देबय पडत.

हम बाबा बासुकी नाथ के पूजा सेहो नीक जकाँ केलहु, ओही ठाम बाबा धाम एहेन भीड नहीं छल. मुदा ओही ठाम भी मंदिर के भीतर वैह हाल छल. अनियंत्रित.

ओना मोटा मोटी बाबाधाम के यात्रा निक रहल आ बाबा के अर्चना क क मोन प्रसन्ना भेल. बाबा वैद्यनाथ सब पर अपन कृपा बनने राखैथ. जय नील कंठ.